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उन तमाम गुरूओं को समर्पित जिन्होंने मुझे ज्ञान दिया.

Tuesday, November 25, 2008

दर्द

VIJAY KUMAR SAPPATTI


जो दर्द तुमने मुझे दिए ,
वो अब तक संभाले हुए है !!
कुछ तेरी खुशियाँ बन गई है
कुछ मेरे गम बन गए है
कुछ तेरी जिंदगी बन गई है
कुछ मेरी मौत बन गई है
जो दर्द तुमने मुझे दिए ,
वो अब तक संभाले हुए है !!

4 comments:

Udan Tashtari November 25, 2008 at 8:59 PM  

बेहतरीन!! बहुत बढ़िया.

नीरज गोस्वामी November 25, 2008 at 10:22 PM  

लाजवाब लिखा है आपने...वाह...
नीरज

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